व्यक्तित्व की परिभाषा
दो चीजें आपको परिभाषित करती है ...
एक आपका संयम जब आपके पास कुछ न हो....
और दूसरा आपका रवैय्या जब आपके पास सब कुछ हो....।।
कुछ लोग आजकल थोड़ी सी सफलता भर पाने मे स्वयं को अरिहंत घोसित कर रहे है , और दूसरो की तुलना स्वयं से कर रहे है और बोलते हुए नजर आ रहे है " वो मेरे लेवल का नही है"......
जीवन मात्र एक हृदय गति तक ही सीमित है, जिस दिन हृदय गति थमी उस दिन सब अहंकार, लोभ और लालच सब खत्म हो जाएगा , तो आखिर मनुष्य को घमंड किस बात का ...
बड़े से बड़े योद्धा, नेता व वैज्ञानिक जो यह सोचते थे कि उनके बिना शायद ही धरती पर जीवन रहे वे सब आज शमसान में खाक बने बैठे है ......
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